राशिद ने दलित लड़की को जमकर नोचा, फिर तिल तिल का मौत के घाट उतारा, नहीं दिया उस दलित लड़की का किसी ने साथ

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यह वह घटनाएं है जिसकी चर्चा भर कर देने से आग बबूला हो जाता है वामपंथी वर्ग व तथाकथित स्वघोषित सेकुलर समाज। यह सच्चाई है जो मुंह बाय समाज के आगे खड़ी रहती है परंतु से देख कर अनदेखा किया जाता है। यह अनदेखी अक्सर किसी का जीवन बर्बाद कर देती है तो किसी को जान से भी हाथ धोना पड़ जाता है। उन तमाम जान से हाथ धोने वालों की लिस्ट में अब एक और नाम लखीमपुर में शामिल हो चुका है जहां एक दलित युवती ने लव जिहादी की प्रताड़ना से तंग आकर खुद को मौत के हवाले कर दिया। यह वा जिला है जहां पुलिस प्रशासन की कमान एक महिला अधिकारी के हाथ में है। ऐसे में एक महिला का न्याय मांग मांग कर मर जाना कहीं न कहीं योगी जी के राम राज्य के सपनों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले के कस्बा गोला गोकर्णनाथ का है, वैसे तो यहाँ स्थित भगवान शिव के पौराणिक मन्दिर के कारण गोला गोकर्णनाथ को हम छोटी काशी के रूप में जानते हैं, लेकिन लव जिहादियों ने यहां भी अपनी नापाक हरकत से एक मासूम युवती की जान ले ली। बड़ी खबर है कि गोला गोकर्णनाथ में रहने वाले दलित परिवार की एक युवती को पड़ोसी मुस्लिम युवक ने बड़ी ही चालाकी से अपने प्रेम जाल में फंसा लिया और लगातार उसके साथ दुष्कर्म करता रहा, सिर्फ यही नहीं युवती के गर्भवती होने पर उस लव जिहादी ने युवती का गर्भपात भी कराया लेकिन हद तो तब हो गई जब युवती एक बार फिर गर्भवती हो गई और पानी सिर से ऊपर हो जाने पर युवती ने पुलिस के सामने गुहार लगाई लेकिन दुष्कर्मी युवक की माँ नगर पालिका परिषद की सभासद होने के कारण उसे सत्तापक्ष के नेताओं का संरक्षण प्राप्त था।

इसी के चलते पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी करना शुरू कर दी लेकिन जब मामले की जानकारी हिन्दु युवा वाहिनी व अन्य हिन्दू नेताओं को हुई तो उन्होंने पुलिस के आला अफसरों से बात करके दिनांक 20.06.2020 को युवती के मामले कि रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसकी जाँच सीओ गोला को सौंपी गई लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने दुष्कर्मी युवक की मदद करने की नियत से दुष्कर्मी युवक को गिरफ्तार नहीं किया बल्कि पीड़ित युवती को उसके परिवार से दूर महिला संरक्षण गृह में दाखिल कर दिया। इस सम्बन्ध में युवती के परिवार वालों के थक कर हार जाने के बाद आखिरकार केस दर्ज हुआ और अनगिनत गुहार के बाद सीओ धौरहरा को ट्रांसफर कर दी, जिसके बाद सीओ धौरहरा ने दुष्कर्मी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजा और पीड़ित युवती को परिवारजन के सुपुर्द किया।

मामला इतने पर ही शांत नहीं हुआ, उस लव जिहादी दुष्कर्मी युवक के परिवार वालों ने निरंतर पीड़ित युवती और उसके परिवार वालों को धमकी देनी शुरू कर दी और सुलह के लिए दबाव बनाने लगे, आखिरकार दिनांक 12.07.2020 को पीड़ित युवती ने लव जिहादी और उसके परिवार वालों से परेशान होकर अपने ही घर में फांसी लगाकर जान दे दी और साथ छोड़ा अपना सुसाइड नोट, जिसमें युवती ने अपनी मौत का जिम्मेदार उस दुष्कर्मी युवक और उसके परिवार वालों को ठहराया। इसके बाद पुलिस ने मामला तूल पकड़ता देख युवती के पिता की तहरीर पर दुष्कर्मी युवक, उसके माता-पिता व तीन भाईयों समेत आत्महत्या दुष्प्रेरण का मामला दर्ज कर सभी को जेल भेज दिया है, लेकिन सवाल अब भी बाकी है कि क्यों उस युवती को अपनी जान देनी पड़ी,

क्यों उसके मामले में समय रहते पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की, क्यों उसकी दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी उसके परिवार को सुरक्षा नहीं दी गई,.क्या ऐसा कारण था कि दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने समय से लव जिहादी को गिरफ्तार नहीं किया, ऐसे बहुत से सवाल है, जिनके बारे में जानना अभी बाकी है। लेकिन इतना तो तय ही माना जा रहा है कि लखीमपुर पुलिस को किसी भी हालत में निष्पक्ष कार्यवाही करने वाला नहीं माना जा सकता है क्योंकि इस आत्महत्या के पीछे कहीं न कहीं पुलिसिया कार्यशैली के प्रति विश्वास उठ जाना मुख्य कारण बना है।

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