जानिए कैसे अपना गैंग तैयार करता था विकास दुबे, कौन था सबसे खतरनाक शूटर

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कानपुर। कुख्यात विकास दुबे के गुर्गो की टीम बहुत बड़ी थी। विकास के गांव बिकरू के आस-पास एक दर्जन गांव में उसके कहने पर युवा कुछ भी करने को तैयार रहते थे। उसके गैंग में छह गुर्गे ऐसे थे जो बेखौफ हो चुके थे। उन्हें कानून, पुलिस कोर्ट कचहरी के चक्कर जेल आदि किसी भी अंजाम से डरते नहीं थे। पुलिस की जांच में जो तथ्य निकला है उसमें यह बात भी सामने आई है कि विकास इन सभी को यूथ टीम और किंग मेकर कहकर भर्मित किए रहता था।
विकास के गुर्गे जैसे-जैसे पकड़े जा रहे है वैसे ही पुलिस को नई- नई जानकारियां मिल रही है। मंगलवार को पुलिस ने शशिकांत को गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने लूटी गई एके 47 और इंसास राइफल बरामद की थी। शशिकांत से विकास को लेकर पूछताछ में उसने कई चौकाने वाले तथ्यों का खुलासा किया। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि अतुल, प्रभात, बउअन, अमर, जिलेदार और श्यामू बाजपेई सबसे खतरनाक थे। इनको किसी का भय नहीं था। शशिकांत ने यह भी बताया कि इन लोगों ने कई बार विकास के कहने पर लोगों को मारा पीटा है। शशिकांत ने पुलिस पूछताछ में बताया कि यह सभी लोग आम जनमानस को यही धमकी देते थे कि जब तक विकास भैया है तब तक कोई क्या कर लेगा। साथ ही उसने यह भी जानकारी दी कि अब गिरोह में ऐसा कोई नहीं बचा जो विकास दुबे जैसा बन सके। अपराधी विकास दुबे के नाम से कोई पासपोर्ट नहीं मिला है। पुलिस ने गोमती नगर स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से यह जानकारी मांगी थी। इसके बाद क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने इसकी जांच करवाई।
वास्तविक नाम, पिता और माता का नाम, पते के आधार पर विकास के नाम से कोई पासपोर्ट नहीं बना है। इसके बाद भी किसी पासपोर्ट पर कोई शक हो तो उसका विवरण भेज सकते हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस को पासपोर्ट दफ्तर से यह सूचना भेज दी गई है। दूसरी तरफ विकास दुबे की सरकारी तंत्र में घुसपैठ से एक शक और है। यह कि विकास ने फर्जी नाम या पते से कहीं कोई पासपोर्ट न बनवा लिया हो। विकास दुबे के लिए मुखबरी करने वाले बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी पकड़े गए हैं। ऐसे में पासपोर्ट के लिए पुलिस रिपोर्ट लगवाना विकास के लिए मुश्किल काम नहीं है। इस दिशा पर भी पुलिस काम कर रहीहै।

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