पहले CM गहलोत ने किया बहुमत का दावा, अब सुरजेवाला ‘ऑडियो ड्रामा’ के जरिए बीजेपी पर लगा रहे आरोप: मामला गड़बड़ है?

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राजस्थान की सियासत में खींचतान का दौर अभी तक जारी है। राजस्थान कॉन्ग्रेस के दो दिग्गज नेताओं के बीच शुरू हुआ विवाद फिलहाल दूर-दूर तक ख़त्म होता नज़र नहीं आ रहा है। इस विवाद में अब एक ऑडियो क्लिप सामने आया है जिसे आधार बना कर कॉन्ग्रेस ने भाजपा पर विधायकों को खरीदने का आरोप लगाया है।

जयपुर में हुई प्रेस वार्ता के दौरान कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा भाजपा के केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, भाजपा से संबंधित व्यक्ति संजय जैन, कॉन्ग्रेस विधायक भँवरलाल शर्मा के साथ मिल कर यह योजना तैयार कर रहे हैं। वायरल हो रहे ऑडियो के आधार पर रणदीप सुरजेवाला ने यह भी आरोप लगाया है कि गजेन्द्र सिंह शेखावत, भँवरलाल शर्मा के साथ बैठक में उन्हें अपनी तरफ लेकर आने की योजना बना रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री शेखावत और कॉन्ग्रेस विधायक भँवरलाल शर्मा के बीच हुई बातचीत को रणदीप सुरजेवाला ने टिप्पणी की। सुरजेवाला ने बताया, “भँवरलाल ने कहा उनके पास संख्या नहीं है, आखिर वह कितने समय तक विधायकों को होटल में रख सकते हैं?” प्रेस वार्ता के वीडियो में ठीक 8वें मिनट की शुरुआत में सुरजेवाला ने कहा कि भँवरलाल के मुताबिक़ गहलोत सरकार के पास विधायकों की संख्या नहीं है।

जबकि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दावा किया था कि उनके पास विधायकों का पर्याप्त संख्या बल है। जबकि ऑडियो क्लिप में प्रेस वार्ता में सुरजेवाला ने जितना कुछ कहा उसके आधार पर आधार पर ऐसा बिलकुल नहीं लगता कि गहलोत सरकार के पास संख्या बल है। ऑडियो क्लिप के आधार पर भाजपा को विधायक खरीदने का आरोपित साबित करते हुए सुरजेवाला ने यह भी दावा किया कि केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के विरुद्ध एसओजी जाँच होनी चाहिए। साथ ही सरकार अस्थिर करने की कोशिश के चलते उन्हें गिरफ्तार भी किया जाना चाहिए। इसके अलावा सुरजेवाला का यह भी कहना था कि इस विधायक खरीदने की इस योजना पर पिछले एक महीने से काम हो रहा था।

एक समाचार समूह में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक़ गजेन्द्र सिंह और संजय जैन के बीच बातचीत के कुल 3 ऑडियो सामने आए थे। जिस ऑडियो में लगाए गए आरोपों के आधार पर 30 विधायकों को खरीदने की बात हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक़ यह समझौता पहले ही हो गया था और दिल्ली में सब कुछ तय हुआ। इन ऑडियो की पुष्टि करते हुए समाचार समूह भास्कर ने कहा कुल तीन ऑडियो थे, दो राजस्थानी में और एक हिंदी-अंग्रेज़ी में। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ऑडियो में एक व्यक्ति 30 विधायक खरीदने की बात कर रहा है, साथ ही उसने कहा जल्द ही यह लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। बातचीत से इस बात का अंदाज़ा भी लगाया जा सकता है कि उनसे जुड़े हुए लोग दिल्ली में मौजूद हैं।

ऑडियो में जिस व्यक्ति को गजेन्द्र सिंह शेखावत बताया जा रहा है, उन्होंने कहा, “कोई भी 8-10 दिनों तक इंतज़ार नहीं कर सकता है। जितना जल्दी से जल्दी हो सके लोग आएँ और आधिकारिक तौर पर जुड़ें। ऑडियो में हुई बातचीत के आधार पर यह आरोप भी लगाया गया है कि बातचीत करने वाले लोगों से जुड़े दिल्ली में मौजूद लोगों ने इसकी पहली किस्त भी ले ली है। संभावित ऑडियो में दो व्यक्ति बात कर रहे हैं और बातचीत से इतना स्पष्ट है कि वह विधायक खरीदने की योजना बना रहे हैं।

वहीं इस मामले पर कॉन्ग्रेस विधायक भँवरलाल शर्मा का कहना है कि ऑडियो फर्ज़ी है। उनके मुताबिक़ अशोक गहलोत सचिन पायलट के मुद्दे पर और बहुमत खोने को लेकर चिंता में हैं। भँवरलाल के मुताबिक अशोक गहलोत के ओएसडी ने यह ऑडियो विधायकों पर दबाव बनाने के लिए साझा किया है। वहीं सचिन पायलट के कुछ समर्थकों का कहना है कि यह कॉन्ग्रेस की तरफ से किए गए ‘स्टंट’ के अलावा कुछ और नहीं है।

ठीक ऐसे ही कॉन्ग्रेस ने साल 2018 के दौरान कर्नाटक में ऑडियो जारी किया था। उस दौरान भी कॉन्ग्रेस ने अपने ही नेताओं पर आरोप लगाया कि वह भाजपा से संपर्क में हैं। इसके अलावा वह भाजपा की सरकार बनाने की योजना में शामिल हैं। जिसके बाद कॉन्ग्रेस विधायक शिवराम हेब्बर ने उस ऑडियो को फर्ज़ी बताया था और संयोग से पहले भी ऑडियो की संख्या 3 ही थी। उस ऑडियो क्लिप को आधार बनाते हुए कॉन्ग्रेस ने भाजपा पर विधायक खरीदने का आरोप लगाया था।

बीते दिन राजस्थान सरकार के ओएसडी ने एक ऑडियो साझा किया है, ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद ऐसा दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह जयपुर, संजय जैन नाम के व्यक्ति के ज़रिए विधायक भँवरलाल शर्मा के संपर्क में आए थे। यह ऑडियो राजस्थान के एक स्थानीय समाचार चैनल में भी यह ऑडियो चलाया जा चुका है।

वहीं दूसरी तरफ आज ही के दिन उच्च न्यायालय में सचिन पायलट और उनके साथ कुल 18 बागी विधायकों की याचिका पर सुनवाई भी होनी हैl बीते दिन यह सुनवाई टल गई थी, दरअसल राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष ने सचिन पायलट समेत कई विधायकों को अयोग्यता की सूचना जारी कर दी थी। इस आदेश के विरोध सचिन पायलट और कई विधायक उच्च न्यायालय चले गए थे, इस याचिका पर आज सुनवाई होनी है।

सोमवार के दिन सचिन पायलट पर कार्रवाई करते हुए उन्हें उप मुख्यमंत्री के साथ साथ पार्टी के अन्य पदों से भी मुक्त कर दिया गया था। कॉन्ग्रेस का आरोप था कि सचिन भाजपा से संपर्क में हैं, जिस पर सचिन ने सफाई देते हुए कहा था कि वह भाजपा में शामिल नहीं होंगे। इन बातों के इर्द-गिर्द पूरे राजस्थान की राजनीति में उतार चढ़ाव का दौर जारी है।

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