अभी अभी सुरक्षा-बलों को बड़ी कामयाबी -कश्मीर में जैशका बड़ा आतंकी ढेर, 4 बार बच निकलने में रहा था कामयाब

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जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने शुक्रवार (17 जुलाई, 2020) को जिन तीन आतंकियों को ढेर किया है उनमें से एक की पहचान वालिद के तौर पर हुई है। वालिद जैश-ए-मोहम्मद का शीर्ष कमांडर और आइईडी विशेषज्ञ था। वालिद मोस्टवांटेड आतंकी की लिस्ट में था। इससे पहले चार बार वह भागने में कामयाब रहा था। वालिद सुरक्षाबलों पर कई हमलों में शामिल रहा था।

वालिद पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से सीधे निर्देश लेता था। वहीं मारे गए आतंकियों के पास से कई हथियार और गोला बारूद बरामद हुए हैं। मारे गए 2 अन्य आतंकियों के पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन दैनिक जागरण के रिपोर्ट के अनुसार स्थानीय सूत्रों के मुताबिक उनके नाम रउफ अहमद और रईस अहमद हैं।

खबरों के अनुसार मुड़भेड़ के वक्त वालिद स्थानीय नागरिकों की आड़ में भागने की कोशिश कर रहा था। मगर जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया। इसके हैंड टू हैंड हुई लड़ाई के दौरान सुरक्षाबलों ने उसे मौत के घाट उतार दिया। उसने फिरन के अंदर हथियार छुपा रखा था।

वालिद कोई आम आतंकी नहीं था। उसने पहले भी कई हत्याएँ की हुई है। उसने 2019 में पश्चिम बंगाल के पाँच श्रमिकों की बेरहमी से हत्या की थी। वहीं इस साल मारे गए पाँच नंदीमर्ग कुलगाम के स्थानीय नागरिकों के पीछे भी उसका हाथ था। इतना ही नहीं पुलवामा आतंकी हमले में उसी ने आइईडी कार बम तैयार किया था। वालिद जम्मू कश्मीर के लड़कों को बम बनाने के प्रशिक्षण के साथ उन्हें आतंकवादी बनाने के लिए उकसाता भी था।

सुरक्षाबलों ने वालिद और उसके साथियों के शवों के पास से आधुनिक हथियारों को बरामद किया है। जिसमें दो एसाल्ट राइफलें, एक यूबीजीएल और एक अमरीका निर्मित एम-4 कार्बाइन राइफल, पांच मैगजीन और छह ग्रेनेड शामिल हैं।

गौतलब है कि सुबह जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए थे। यह मुठभेड़ दक्षिण कश्मीर स्थित कुलगाम जिले के नागनाड़ चिम्मर क्षेत्र में हुई। इस दौरान तीन आतंकवादी मारे गए और सेना के तीन जवान घायल हुए हैं। इस बात की आशंका है कि इलाके में और आतंकवादी छिपे हो सकते हैं। इसलिए पुलिस ने सर्च ऑपरेशन जारी रखा है।

सेना को मिली जानकारी के मुताबिक़ दक्षिण कश्मीर स्थित कुलगाम जिले के नागनाड़ क्षेत्र में कई आतंकवादी छिपे थे। सेना ने पहले उनसे आत्मसमर्पण कराने का प्रयास किया लेकिन जवाब में आतंकियों ने गोलीबारी कर दी। जिसके बाद सेना ने जवाबी कार्रवाई की और उसमें 3 आतंकवादी मारे गए। सेना ने इलाके के लोगों कुछ समय तक घरों के भीतर रहने का ही आदेश दिया है। सेना को इस ऑपरेशन के दौरान उन आतंकवादियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी मिले हैं।

केवल इस महीने के भीतर ही सेना ने घाटी में 14 आतंकवादियों को मार गिराया है। हाल ही में 13 जुलाई के दिन अनंतनाग के श्रीगुफ़वाड़ा क्षेत्र में जैश-ए-मोहम्मद के 2 आतंकी मारे गए थे।

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