लेजर गाइडेड बम और एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल से लैस होगा भारत का यह चीता

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नई दिल्ली: चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच भारतीय रक्षा बल की ओर से रक्षा मंत्रालय को करीब 100 हेरॉन ड्रोन मंगवाने का प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके साथ ही चीन से सीमा पर तनाव के बीच भारतीय सेनाएं हेरॉन को लेजर गाइडेड बम और एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल से लैस करने पर विचार कर रही हैं। ताकि दुश्मन की पोजिशन के बारे में जानकारी प्राप्त होने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर उन पर हमला किया जा सके। इस प्रस्ताव को ‘प्रोजेक्ट चीता’ नाम दिया गया है, जो कि पिछले काफी समय से लंबित था।

माना जा रहा है कि प्रोजेक्ट चीता पर 3,500 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत आएगी। इस प्रोजेक्ट के तहत तीनों सेनाओं द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे हेरॉन ड्रोन्स को लेजर गाइडेड बम और एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल से लैस कर अपग्रेड किया जाएगा।

कहा जा रहा है कि इस मामले पर रक्षा मंत्रालय की हाई लेवल मीटिंग में विचार किया जाएगा। जिसमें रक्षा सचिव अजय कुमार भी शामिल होंगे। जो कि अब तीनों सेनाओं में होने वाली खरीद के इन चार्ज हैं। प्रस्ताव में आर्म्ड फोर्सेस ने कहा है कि ड्रोन को मजबूत निगरानी सिस्टम से भी लैस किया जाए, ताकि दुश्मन की स्थिति जानने में मदद मिले और इसपर लैस हथियारों का जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जा सके।

हेरॉन मध्यम ऊंचाई और लंबी दूरी वाले ड्रोन्स हैं। भारतीय सेना और वायु सेना, दोनों ने ही चीन से लगी सीमा पर लद्दाख सेक्टर में इन ड्रोन्स को तैनात किया है। ये ड्रोन चीन द्वारा सैनिकों को पीछे हटाने के काम को जांचने और गहराई के इलाकों में उनकी सैन्य कार्रवाई पर निगरानी रखने में मदद करते हैं।

मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय रक्षा बल, हेरॉन सर्विलांस ड्रोन की मांग बढ़ाने वाला है. क्योंकि भारत अपनी सर्विलांस क्षमता बढ़ाने पर विचार कर रहा है। ऐसे में हेरॉन सर्विलांस ड्रोन और स्पाइक एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल के आने से भारतीय सेना को काफी मजबूती मिलेगी।

क्या है हेरॉन

वायु सेना, जल सेना और थल सेना द्वारा बड़े पैमाने पर सर्विलांस के लिए हेरॉन का प्रयोग किया जा रहा है। वायु सेना लद्दाख में इसका प्रयोग कर रही है हेरॉन ड्रोन लगातार 30 घंटे तक उड़ सकता है इसमें खुफिया कैमरे लगे होते हैं जिससे सेना को दुश्मनों की जानकारी इकट्ठा करने में आसानी होगी।

यह ड्रोन हवा से ही आतंकी ठिकानों की पहचान कर लेता है और उस पर निशाना लगाकर उसे ध्वस्त भी कर सकता है। यह ड्रोन किसी भी मौसम में उड़ सकता है, साथ ही 45000 फीट की ऊंचाई तक एक टन वजन के साथ उड़ सकता है।

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