‘हीरो’ हैं ये आदिवासी परिवार, लॉकडाउन में बगीचे के 37 क्विंटल फल-सब्जी ज़रूरतमंदों को बांट दिए

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देश में लॉकडाउन लगे 2 महीने हो गए. इन दिनों में एक बड़े वर्ग को मुसीबतों का सामना करना पड़ा तो कई ऐसे भी लोग सामने आए, जिन्होंने इंसानियत की मिसाल पेश की. इस लॉकडाउन में एक तरफ़ लोगों को घरों में कैद रखने की जरूरत थी तो दूसरी तरफ़ ज़रूरतमंदों तक मदद पहुंचाने की.

इस संकट की घड़ी में मध्यप्रदेश के रीवा, सतना, पन्ना और उमरिया जिले के आदिवासी पूरी मजबूती से ज़रूरतमंदों के लिए खड़े हुए. इन्होंने अपने पोषण वाटिका (किचन गार्डन) से बच्चों, प्रेग्नेंट महिलाओं के साथ-साथ दूसरे ज़रूरतमंद लोगों को सब्जी और फल बांटे. 232 परिवारों ने अपने 1100 किचन गार्डन्स में उपजी सब्जियों और फल को पड़ोसियों में बांट दी.

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक़, अब तक ये परिवार 37 क्विंटल से ज्यादा सब्जी बांट चुका है. ये सभी लोग 25 मार्च से पड़ोसियों के साथ अपने उत्पाद साझा कर रहे हैं. इन सभी लोगों का कहना है कि उन्हें भी बीमारी का डर है, लेकिन ज़रूतमंदों की मदद नहीं करेंगे तो कौन करेगा.

सीएम तक कर चुके हैं काम की तारीफ़
इन आदिवासियों के काम की तारीफ़ सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी की. इसके साथ ही क्षेत्रीय सांसद गणेश सिंह साव गांव पहुंचकर वहां के विकास कार्य में साथ देने का भरोसा जताया. गांव-गांव में ये लोग सब्जी और फल बांट रहे हैं. गांवों के दिहाड़ी मजदूरों की हालत देखकर इन लोगों ने तय कर लिया है कि जबतक लॉकडाउन है, तब वे लोग मदद करते रहेंगे.

एक ग्रामीण का कहना है कि आज पूरी धरती पर संकट है. धन संपदा का कोई मोल नहीं बचा है. ऐसे में एक दूसरे की मदद करना हमारी जिम्मेदारी है. ये लोग एक मुहिम के तौर पर गांव-गांव ज़रूरतमंदों तक पहुंच रही हैं और सबकी मदद कर रही हैं.

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